इतवाउत्तर प्रदेशकुशीनगरगोंडागोरखपुरबस्तीबहराइचबाराबंकीलखनऊसिद्धार्थनगर 

परसा खुर्द बुजुर्ग में महाघोटाला? ग्राम प्रधान के लेटरपैड से मची खलबली, जांच के घेरे में DM और CDO कार्यालय।

भ्रष्टाचार का 'पारिवारिक' संग्राम: बस्ती में प्रधान प्रतिनिधि पर लगा 20 करोड़ के गबन का दाग।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बस्ती: धर्मसंकट या भ्रष्टाचार का खेल? महिला ग्राम प्रधान ने अपने ही पति पर लगाया 20 करोड़ की लूट का आरोप।।

रामनगर, बस्ती।

जनपद के विकासखंड रामनगर के ग्राम पंचायत परसा खुर्द बुजुर्ग (दरियापुर जंगल) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आमतौर पर प्रधान और उनके प्रतिनिधि (पति) कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, लेकिन यहाँ की वर्तमान ग्राम प्रधान श्रीमती उर्मिला देवी ने अपने ही पति और प्रधान प्रतिनिधि मुनेसर उर्फ ओमप्रकाश चौधरी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।

💫मुख्यमंत्री को पत्र: “शराब के नशे में लुटाया सरकारी धन”

ग्राम प्रधान उर्मिला देवी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे गए एक शिकायती पत्र (दिनांक 31/10/2025) में सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उनके पति, जो कि प्रधान प्रतिनिधि भी हैं, ने विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने में बड़ी सेंध लगाई है। पत्र के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में खड़ंजा निर्माण, आवास योजना और चरागाह विकास जैसे कार्यों में करीब 20 करोड़ रुपये का बंदरबांट किया गया है। प्रधान का आरोप है कि उनके पति दिन-रात शराब के नशे में रहते हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।

💫अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा

शिकायती पत्र में केवल पति पर ही नहीं, बल्कि जिले के उच्चाधिकारियों पर भी उंगली उठाई गई है। आरोप है कि इस भारी-भरकम लूट में DM, CDO बस्ती सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। यदि यह आरोप सत्य हैं, तो यह जनपद बस्ती में भ्रष्टाचार के एक बहुत बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।

💫गोलमोल जवाब और संदेह के घेरे में ‘प्रतिनिधि’

जब इस मामले में मीडिया ने प्रधान प्रतिनिधि मुनेसर (ओमप्रकाश) चौधरी से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट उत्तर देने के बजाय बातों को घुमाना शुरू कर दिया। उनके इस टालमटोल भरे रवैये ने संदेह की आग में घी डालने का काम किया है। प्रधान के आधिकारिक लेटरपैड पर की गई यह शिकायत अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।

मुख्य सवाल: क्या एक ग्राम पंचायत में 20 करोड़ की राशि का घोटाला संभव है? या यह पारिवारिक कलह का नतीजा है? सच्चाई जो भी हो, ग्राम प्रधान के पैड पर दर्ज ये आरोप जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करते हैं।

💫अब गेंद जिलाधिकारी के पाले में

अब क्षेत्र की जनता की निगाहें जिलाधिकारी बस्ती पर टिकी हैं। क्या सार्वजनिक हित में इस 20 करोड़ के कथित ‘महाघोटाले’ की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी? क्या अपनी ही सरकार के जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रशासन खरा उतरेगा या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!